pc: news24online
वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया और विपक्ष के विरोध के बावजूद पारित हो गया। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। आइए वक्फ विधेयक में किए गए प्रमुख बदलावों पर एक नज़र डालते हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक कल संसद में पेश किया गया। केंद्र सरकार ने दोपहर 12 बजे लोकसभा में विधेयक पेश किया। मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद विधेयक पारित हो गया। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। आइए वक्फ बोर्ड में इस विधेयक के आने से होने वाले प्रमुख बदलावों पर एक नज़र डालते हैं:
बोर्ड की सदस्यता
पहले: वक्फ बोर्ड में केवल मुस्लिम सदस्य ही शामिल हो सकते थे।
अब: नए विधेयक के अनुसार बोर्ड में 2 महिलाएं और 2 गैर-मुस्लिम शामिल होने चाहिए।
संपत्ति के दावे
पहले: वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति पर अपना दावा कर सकता था।
अब: किसी भी संपत्ति पर दावा करने से पहले बोर्ड को यह सत्यापित करना होगा कि संपत्ति वास्तव में वक्फ बोर्ड की है।
सरकारी संपत्ति की स्थिति
पहले: वक्फ बोर्ड सरकारी स्वामित्व वाली संपत्ति पर दावा कर सकता था।
अब: सरकारी संपत्ति को वक्फ से बाहर रखा जाएगा, और बोर्ड के पास उस पर मालिकाना हक नहीं होगा।
अपील का अधिकार
पहले: अगर कोई वक्फ बोर्ड के फैसले से असहमत होता था, तो वह केवल वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था, और उसका फैसला अंतिम होता था।
अब: वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को 90 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।
प्रबंधन और निगरानी
पहले: वक्फ बोर्ड द्वारा अनुचित तरीके से संपत्तियों पर दावा करने के साथ सत्ता के दुरुपयोग की शिकायतें थीं।
अब: बेहतर निगरानी के लिए सभी वक्फ संपत्तियों को जिला मुख्यालय में पंजीकृत किया जाना चाहिए।
कुछ समुदायों के लिए विशेष प्रावधान
पहले: वक्फ बोर्ड में सभी पर समान नियम लागू होते थे।
अब: बोहरा और आगा खानी मुस्लिम समुदायों के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्ड बनाए जाएंगे।
वक्फ बोर्ड के सदस्य
पहले: वक्फ बोर्ड पर मुख्य रूप से कुछ खास मुस्लिम समुदायों का नियंत्रण था।
अब: बोर्ड में शिया, सुन्नी और पिछड़े मुस्लिम समुदायों के सदस्य शामिल होंगे।
केंद्रीय वक्फ परिषद में तीन सांसद
पहले: केंद्रीय वक्फ परिषद में 3 सांसद थे, जिनमें से सभी मुस्लिम होने चाहिए (2 लोकसभा से और 1 राज्यसभा से)।
अब: केंद्र सरकार केंद्रीय वक्फ परिषद में 3 सांसदों की नियुक्ति कर सकती है, और उनका मुस्लिम होना ज़रूरी नहीं है।
इन बदलावों का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाना है।
You may also like
जानें-किस तरह के लड़कों को पसंद करती हैं लड़कियां, ये होता पैरामीटर ╻
आज का मिथुन राशिफल, 4 अप्रैल 2025: कामकाज अच्छा रहेगा लेकिन सेहत पर खर्च होगा
जारवा जनजाति: गोरी संतान के लिए मातम और काली संतान की प्रार्थना
Relationship Tips: जिस पति-पत्नी के बीच होता है झगड़ा तो उससे होते हैं ये 3 फायदे. जानिए ऐसा क्यों? ╻
दिल्ली के CM का नाम आया सामने. नेता सुनकर रह गए दंग, इस फैसले से टूट सकती है पार्टी! ╻